Vasant panchami ka mahatva क्या है? कब है बसंत पंचमी जानिए विस्तार से

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    vasant panchami ka mahatva

    सरल सुखमय और निश्चिंत जीवन किसकी कल्पना नहीं होती? हर किसी को ऐसे जीवन की चाह होती है जिसमें कोई विघ्न ना हो और जीवन काफी सरल और आसान हो।  परंतु क्या आप जानते हैं कि ऐसा जीवन प्राप्त करने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस विघ्नहर्ता प्रभु श्री गणेश की प्रार्थना करनी होगी। जी हां, गणेश जी की प्रार्थना करते ही जीवन के संपूर्ण विघ्न  समाप्त हो जाते हैं और आपका जीवन सरल और सुलभ हो जाता है।

    बसंत पंचमी का त्योहार क्यों मनाया जाता है? / vasant panchami ka mahatva:

    बसंत पंचमी मनाने पीछे पौराणिक मान्यता है। माना जाता है कि जब ब्रह्मा जी ने संपूर्ण सृष्टि की रचना की तब वह खुद ही अपनी रचना से संतुष्ट नहीं थे । अपनी रचना से संतुष्ट न होने की वजह से उन्होंने इस परेशानी का हल जानने के लिए विष्णु की स्तुति आरंभ की। विष्णुजी ब्रह्मा जी की स्तुति से प्रसन्न हुए और उन्होंने ब्रह्मा जी से उनकी समस्या पूछी और समस्या जानने के बाद उन्होंने मिलकर आदि शक्ति दुर्गा का आह्वान किया। आदि शक्ति दुर्गा जब प्रकट हुई तो उन्होंने मिलकर सृष्टि की समस्या माता से कही ।

    तब माता ने उनकी समस्या का निवारण करते हुए अपने शरीर से एक श्वेत रंग की स्त्री उत्पन्न की। यह स्त्री चतुर्भुजी थी, जिनमें एक हाथ में वीना, दूसरा हाथ वर मुद्रा में था।  एक हाथ में पुस्तक और एक हाथ में माला थी। यह स्त्री कोई और नहीं बल्कि देवी सरस्वती थी।

    तब माता ने बताया कि पृथ्वी पर संपूर्ण संरचना होने के पश्चात भी ज्ञान और विवेक की कमी की वजह से आप अपनी रचना से संतुष्ट नहीं है और अब इस रचना को पूर्ण स्वयं देवी सरस्वती करेगी। कहा जाता है की माता सरस्वती का जन्म माघ माह की पंचमी को ही हुआ था इसीलिए तब से हर माघ मां की पंचमी को बसंत पंचमी मनाई जाती है।

    बसंत पंचमी का मुहूर्त / saraswati puja timing / vasant panchami timing

    वर्ष 2024 में बसंत पंचमी का विशेष मुहूर्त / saraswati puja timing / vasant panchami timing:

    पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी की तिथि 13 फरवरी दोपहर 2:41 से शुरू हो जाएगी और यह 14 फरवरी दोपहर 12:09 तक रहने वाली है। इस तरह बसंत पंचमी का पर्व 14 फरवरी को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी के दिन पूजा का विशेष मुहूर्त 14 फरवरी सुबह 7:01 से दोपहर 12:35 तक रहेगा।

    बसंत पंचमी का महत्त्व और पूजा विधि / vasant panchami ko kya karna chahiye

    बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना करना शुभ माना जाता है। इस दिन आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नहाने के पश्चात पीले वस्त्र धारण कर सकते हैं। इसके पश्चात आप विधि विधान से मंदिर की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव कर मंदिर को शुद्ध कर सकते हैं। मंदिर को शुद्ध करने के पश्चात आप वहां माता सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर सकते हैं। इसके पश्चात आप माता की मूर्ति को गंगाजल से स्नान करा उन्हें पीले वस्त्र पहना सकते हैं।

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    माता सरस्वती को क्या अर्पित करें:

    माता सरस्वती की पूजा में हमेशा पीले फूल, अक्षत ,सफेद चंदन ,पीले रंग की रोली, पीला गुलाल ,धूप दीप  आदि अर्पित करना चाहिए। बसंत पंचमी की पूजा के दौरान मां सरस्वती के सामने लौंग ,सुपारी ,तुलसी दल, आम के पत्ते, मौसमी फल ,गुड़ नारियल और भोग के लिए मीठे पीले चावल या बूंदी के लड्डू अवश्य रखना चाहिए। इस दिन आपको सरस्वती कवच का पाठ करना चाहिए और हो सके तो हवन भी करना चाहिए।

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    Basant Panchmi Saraswati Mata Ki Aarti Hindi:

    ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
    सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
    
    चंद्रवदनि पद्मासिनी, ध्रुति मंगलकारी।
    सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥ जय…..
    
    बाएं कर में वीणा, दाएं कर में माला।
    शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला ॥ जय…..
    
    देवी शरण जो आएं, उनका उद्धार किया।
    पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥ जय…..
    
    विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो।
    मोह, अज्ञान, तिमिर का जग से नाश करो ॥ जय…..
    
    धूप, दीप, फल, मेवा मां स्वीकार करो।
    ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥ जय…..
    
    मां सरस्वती की आरती जो कोई जन गावें।
    हितकारी, सुखकारी, ज्ञान भक्ती पावें ॥ जय…..
    
    जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
    सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय…..
    
    ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
    सद्‍गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय…

    Saraswati Mata ध्यान मंत्र (Mantra)

    या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥

    Saraswati Mata ध्यान मंत्र

    बसंत पंचमी के दिन क्या नहीं करना चाहिए? /

    बसंत पंचमी का दिन सृष्टि के उन सबसे उत्कृष्ट दिनों में माना जाता है जिस दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त को देखकर आप मांगलिक कार्य कर सकते हैं। इसीलिए बसंत पंचमी के दिन कुछ ऐसे कार्य भूल कर भी नहीं करने चाहिए जिसका दुष्प्रभाव आपको जीवन में देखना पड़े

    • बसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किये किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए।
    • इस दिन गलती से भी पेड़ पौधों की कटाई छटाई नहीं करनी चाहिए।
    • बसंत पंचमी के दिन भूल कर भी काला, लाल या अन्य रंग का वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए ।
    • बसंत पंचमी के दिन कोशिश कीजिए कि आप सात्विक भोजन ही ग्रहण करें इस दिन मांस मदिरा का सेवन बिलकुल भी ना करें।
    • बसंत पंचमी माता सरस्वती का दिन कहा जाता है इस दिन सरस्वती आपकी वाणी में आकर विराजित होती है इसीलिए इस दिन गलती से भी अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें।

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    बसंत पंचमी के विशेष उपाय / vasant panchami upay:

    बसंत पंचमी के दिन आप सब अपने बच्चों की तीव्र बुद्धि के लिए तथा उनकी मधुर वाणी के लिए विशेष उपाय कर सकते हैं

    • यदि आपके बच्चे की वाणी स्पष्ट नहीं है तो आप बसंत पंचमी के दिन अपने बच्चों की जीभ पर चांदी की सलाई या चम्मच से ओम की आकृति बनाएं और माता सरस्वती से वाणी को ठीक करने की प्रार्थना करें।
    • यदि आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है तो बसंत पंचमी के दिन आप अपने बच्चों से माता सरस्वती पर पीले रंग के फूल और हरे रंग के फल अर्पित करवाएँ इससे बच्चा पढ़ाई में तीव्र हो जाएगा ।
    • बसंत पंचमी के दिन आप अपने बच्चों के हाथों से शिक्षा से जुड़ी चीजों का दान भी करवा सकती हैं इससे भी बच्चों की स्मरण शक्ति मजबूत होती है।
    • इसके अलावा आप बसंत पंचमी के दिन बच्चों की किताब में मोर पंख रख सकते हैं इससे बच्चों की एकाग्रता में वृद्धि होती है।
    • बसंत पंचमी के दिन पूजा के दौरान पेन और कॉपी भी रखनी चाहिए जिससे बुद्धि और एकाग्रता बढ़ती है।

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    Basant panchami par kya daan karna chahiye:

    Basant panchami par kya daan karna chahiye आपको हम बता रहे हैं ध्यान से पढ़ें। सरवस्ती माँ की पूजा basant panchami होती है और सरवस्ती माँ विद्या की देवी हैं। आप के घर के बच्चों के हाथों से पेंसिल, notebook, जैसी चीजों का दान गरीब बच्चों को करा सकते हैं। इससे उनका दिमाग और भी अच्छा होगा और सरस्वती माता की कृपा भी मिलेगी। पीले वस्त्र भी दान कर सकते हैं। मंदिर में पीली सरसों, पीली दाल , गेहूँ का भी दान कर सकते हैं। आज के दिन आप पीले चावल बना कर गरीब बच्चों को खिला सकते हैं। सच्चे मन से सरवस्ती माँ का ध्यान कर जो भी दान कर सकते हैं अपनी छमता के अनुसार उसका पुण्य आपको और आपके परिवार को जरुर मिलेगा।

    निष्कर्ष:

    इस प्रकार वर्ष 2024 की इस बसंत पंचमी पर आप माता सरस्वती को प्रसन्न कर सकते हैं और कुछ विशेष उपाय कर अपने बच्चों की बुद्धि को तीव्र और वाणी को मधुर बना सकते हैं।

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